सोमवार, 4 मार्च 2013

तू खुश रहे हमेशा दिल से मेरी दुआ है














तू खुश रहे हमेशा दिल से मेरी दुआ है 
हम तुम बुरे नहीं हैं ये वक्त ही बुरा है ||

ये प्यार भी अजब है किसने इसे इसे बनाया
जिसने किया हमेशा रोता हुआ मिला है ||

पत्थर भी बोलते हैं , कारीगरी अगर हो
इंसानियत भुलाकर इंसान बुत बना है ||

कितना सरल तरीका सम्बन्ध तोड़ने का
बस फोन का उन्होंने नंबर बदल दिया है ||

सब दोस्त पूछते हैं ये हाल क्यूँ बनाया
उनको खबर नहीं है ये प्यार का नशा है ||

दुनिया मुझे सता कर सौ जख्म भी अगर दे
कुछ भी नहीं बिगड़ता माँ- बाप की दुआ है ||

मंदिर नहीं गया मै -ये सोचकर कि मेरे
भगवान् का बसेरा कण -कण बसा हुआ है ||

माना नयाँ -नयाँ हूँ ईमान के शहर में
क्या सोच कर हमारी कीमत लगा रहा है ||

नफरत जहाँ पली है , हस्ती वही मिटी है
               बस प्यार ही जहां में रहता हरा भरा है ||..मनोज